समाज की प्रतिभाएं
डॉ. ओम प्रकाश शर्मा
खेल

बास्केटबॉल जगत के दिग्गज, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा का अद्भुत योगदान

डॉ. ओम प्रकाश शर्मा (Dr. Om Prakash Sharma)

बास्केटबॉल के क्षेत्र में आजीवन योगदान, JNVU में M.P.Ed. कोर्स का संचालन और भारत की पहली हिंदी बास्केटबॉल-नियम पुस्तक के लेखक।

जोधपुर

डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, जोधुपर से, ने बास्केटबॉल के क्षेत्र में खिलाड़ी, कोच, रेफरी और प्रशासक के रूप में अतुलनीय योगदान दिया है। वे भारत में हिंदी में 'बास्केटबॉल-नियम' पुस्तक लिखने वाले पहले व्यक्ति हैं।

दधीच समाज के गौरव, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, जो जोधपुर, राजस्थान से संबंध रखते हैं, खेल जगत, विशेषकर बास्केटबॉल के क्षेत्र में एक असाधारण व्यक्तित्व हैं। उनकी शैक्षिक योग्यताएँ, जिनमें बी.कॉम, एम.ए. (राजनीति-शास्त्र), डिप्लोमा इन कॉस्ट एण्ड वर्क्स एकाउन्टेन्सी, कोचिंग डिप्लोमा इन बास्केटबॉल (एन.आई.एस. पटियाला), मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एल.एन.सी.पी.ई., ग्वालियर) और पी.एच.डी. शामिल हैं, उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती हैं। डॉ. शर्मा ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) में M.P.Ed. कोर्स का सफल शुभारंभ भी किया, जो उनकी अकादमिक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। डॉ. शर्मा का बास्केटबॉल के प्रति जुनून एक खिलाड़ी के रूप में शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने ऑल-स्टार बास्केटबॉल टीम ऑफ इंडिया का प्रतिनिधित्व किया और राजस्थान के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेले। जोधपुर विश्वविद्यालय और जिला टीम के कप्तान के रूप में, उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद, उनका करियर कोचिंग और ऑफिशिएटिंग की ओर मुड़ गया। वे 1972 से 1984 तक JNVU में बास्केटबॉल कोच रहे और फिर 1984 से जुलाई 2004 तक डायरेक्टर फिजिकल एजुकेशन के रूप में कार्य किया। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जैसे XI एशियन बास्केटबॉल कॉन्फेडरेशन चैम्पियनशिप (1981), IX एशियन गेम्स (1982), और साउथ एशियन फेडरेशन गेम्स (1987) में ऑफिशियल के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक भारत में हिंदी भाषा में प्रथम 'बास्केटबॉल-नियम' पुस्तक का लेखन है, जो खेल को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित हुई। डॉ. शर्मा ने 1981 से 1990 और फिर 1994 से 2010 तक राजस्थान बास्केटबॉल संघ के बोर्ड ऑफ रेफरीज के सचिव के रूप में कार्य किया और टेक्निकल कमेटी के सदस्य भी रहे। उन्होंने कई बास्केटबॉल क्लिनिकों का आयोजन और संचालन किया, जिससे खेल के तकनीकी पहलुओं को बढ़ावा मिला। डॉ. ओम प्रकाश शर्मा का जीवन खेल और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उनका योगदान केवल बास्केटबॉल तक ही सीमित नहीं रहा; उन्होंने फुटबॉल और वॉलीबॉल में भी राजस्थान रेफरी के रूप में सेवाएं दीं। दधीच समाज को ऐसे बहुआयामी व्यक्तित्व पर गर्व है, जिन्होंने खेल, शिक्षा और समाज के लिए अनमोल सेवाएं प्रदान की हैं। उनका जीवन नई पीढ़ी के खिलाड़ियों और प्रशासकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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